
Tuesday, January 12, 2010
Friday, January 8, 2010
♡♡जब तुम हमसे मिले ♡

ज़िन्दगी मोहब्बत के लिए मिली है, इसे मोहब्बत से जीने दो।मोहब्बत गर जान लेना चाहे, इसे मोहब्बत के लिए मरने दो।मिलता नही हर किसी को ये मोहब्बत का जहाँ, जिस जगह मोहब्बत नही खुशियाँ है फिर कहाँ।राहों से रहें... ये मोहब्बत मंजिल तक पहुंचाएगी मोहब्बत का साथ पाकर ये ज़िन्दगी संवर जाएगी।साँसों में महकती है आपकी मोहब्बत खुशबु बनकर। हर लम्हा आँखों में मुस्कुराती है आपकी तस्वीर बनकर।जी लेने दो हमे इस उम्मीद पर कि पालेंगे हम आपको, फिर चाहे तमन्ना पूरी हो न हो हमें अपनी ये ज़िन्दगी आपकी मोहब्बत के नाम क्र लेने दो
♡♡ज़िन्दगी में तेरा यूँ आना ♡

ज़िन्दगी में तेरा यूँ आना,
मुझे तेरा दीवाना बना गया।
पहले मैं ऐसा नहीं था,
अब ये जाने क्या हो गया।
झलक भर जो देखा तुझे सच
वो लम्हा मेरे ही दिल को मुझसे बेगाना बना गया।
लिखा जब तेरे इस ख्याल को कोरे कागज़ पर
तो कलम ने मुझसे कहा,
"तेरा ये ख्याल मेरे हर अल्फाज़ को
तेरी मासूम मोहब्बत का पैमाना बना गया।"
आदत है मुझे सबको अपना बनाने की,
पर आज मैं खुद तेरा हो गया।
ज़िन्दगी में तेरा यूँ आना
मुझे तेरा दीवाना बना गया।
पहले मैं ऐसा नहीं था,
अब ये जाने क्या हो गया।
मुझे तेरा दीवाना बना गया।
पहले मैं ऐसा नहीं था,
अब ये जाने क्या हो गया।
झलक भर जो देखा तुझे सच
वो लम्हा मेरे ही दिल को मुझसे बेगाना बना गया।
लिखा जब तेरे इस ख्याल को कोरे कागज़ पर
तो कलम ने मुझसे कहा,
"तेरा ये ख्याल मेरे हर अल्फाज़ को
तेरी मासूम मोहब्बत का पैमाना बना गया।"
आदत है मुझे सबको अपना बनाने की,
पर आज मैं खुद तेरा हो गया।
ज़िन्दगी में तेरा यूँ आना
मुझे तेरा दीवाना बना गया।
पहले मैं ऐसा नहीं था,
अब ये जाने क्या हो गया।
Thursday, January 7, 2010
♡♡ • » उसे मेरे प्यार से प्यार हो जाये « • ♡♡

चले वो कदम दर कदम जो साथ मेरे,
तो उसके साथ से प्यार हो जाये।
थामे वो प्यार से जो हाथ मेरा,
तो अपने हाथ से प्यार हो जाये।
जिस रात आए ख्वाब में वो,
उस सुहानी रात से प्यार हो जाये।
जिस बात में आए ज़िक्र उसका,
तो उसी बात से प्यार हो जाये।
जब पुकारे वो प्यार से नाम मेरा,
तो अपने नाम से प्यार हो जाये।
होता है इतना खुबसूरत ये प्यार अगर,
तो काश उसे मेरे प्यार से प्यार हो जाये।
तो उसके साथ से प्यार हो जाये।
थामे वो प्यार से जो हाथ मेरा,
तो अपने हाथ से प्यार हो जाये।
जिस रात आए ख्वाब में वो,
उस सुहानी रात से प्यार हो जाये।
जिस बात में आए ज़िक्र उसका,
तो उसी बात से प्यार हो जाये।
जब पुकारे वो प्यार से नाम मेरा,
तो अपने नाम से प्यार हो जाये।
होता है इतना खुबसूरत ये प्यार अगर,
तो काश उसे मेरे प्यार से प्यार हो जाये।
Thursday, December 31, 2009
●๋•खत ●๋•
बाकि है तेरी,
एक रात जाग रही है,
अब तक पुराने ख़त में
आज नींद आई है
उसी रात को सुलाने ख़त में
दोस्त, आज भी
वादा याद करके अपना
मैं ढूंढता हूँ
जीने के बहाने ख़त में।
वो चाँद ,वो छत ,वो शाम
वो अश्क और वो आँहे
सुब कुछ नज़र आता है
दीवाने ख़त में ।
आके पहलू में मेरे
तन्हाइयो को महकाती है
आज भी खुशबु बाकि है
तेरी ,सुहाने ख़त में।
'तू खुद सुना रहा है
अपने ख़त का हर लफ्ज़ पढ़कर
ये पुरसुकू ख्वाब भी रहता है
सिरहाने ख़त में।
मैं इसको जला दू या
बहा दूँ कैसे 'आज़ाद'
नई उम्मीद रहती है मेरी
तेरे पुराने ख़त में
*****************
सुधीर आजाद
एक रात जाग रही है,
अब तक पुराने ख़त में
आज नींद आई है
उसी रात को सुलाने ख़त में
दोस्त, आज भी
वादा याद करके अपना
मैं ढूंढता हूँ
जीने के बहाने ख़त में।
वो चाँद ,वो छत ,वो शाम
वो अश्क और वो आँहे
सुब कुछ नज़र आता है
दीवाने ख़त में ।
आके पहलू में मेरे
तन्हाइयो को महकाती है
आज भी खुशबु बाकि है
तेरी ,सुहाने ख़त में।
'तू खुद सुना रहा है
अपने ख़त का हर लफ्ज़ पढ़कर
ये पुरसुकू ख्वाब भी रहता है
सिरहाने ख़त में।
मैं इसको जला दू या
बहा दूँ कैसे 'आज़ाद'
नई उम्मीद रहती है मेरी
तेरे पुराने ख़त में
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सुधीर आजाद
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